
रस्ते में कहीं चाहने वाले भी पड़ेंगे
Raste Mein Kahin Chahne Wale Bhi Padenge
Shalabh Shriram Singh
7 verses · ~15 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Karuna
Sab Ko Dil Ke Daag Dikhaye Ek Tuzhi Ko Dikha Na Sake
Ibn-e-Insha5 verses · ~1 min
सब को दिल के दाग़ दिखाए एक तुझी को दिखा न सके तेरा दामन दूर नहीं था हाथ हमीं फैला न सके
तू ऐ दोस्त कहाँ ले आया चेहरा ये ख़ुर्शीद मिसाल सीने में आबाद करेंगे आँखों में तो समा न सके
ना तुझ से कुछ हम को निस्बत ना तुझ को कुछ हम से काम हम को ये मालूम था लेकिन दिल को ये समझा न सके
अब तुझ से किस मुँह से कह दें सात समुंदर पार न जा बीच की इक दीवार भी हम तो फाँद न पाए ढा न सके
मन पापी की उजड़ी खेती सूखी की सूखी ही रही उमडे बादल गरजे बादल बूँदें दो बरसा न सके
इति

Paired Painting
Urvashi
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Sab Ko Dil Ke Daag Dikhaye Ek Tuzhi Ko Dikha Na Sake carries.