
दिल ने हमारे बैठे बैठे कैसे कैसे रोग लगाये
Dil Ne Hamare Baithe Baithe Kaise Kaise Roga Lagaye
Ibn-e-Insha
5 verses · ~12 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Karuna
Kis Ko Par Utara Tum Ne Kis Ko Par Utaroge
Ibn-e-Insha6 verses · ~1 min
किस को पार उतारा तुम ने किस को पार उतारोगे मल्लाहो तुम परदेसी को बीच भँवर में मारोगे
मुँह देखे की मीठी बातें सुनते इतनी उम्र हुई आँख से ओझल होते होते जी से हें बिसारोगे
आज तो हम को पागल कह लो पत्थर फेंको तंज़ करो इश्क़ की बाज़ी खेल नहीं है खेलोगे तो हारोगे
अहल-ए-वफ़ा से तर्क-ए-ताल्लुक़ कर लो पर इक बात कहें कल तुम इन को याद करोगे कल तुम इन्हें पुकारोगे
उन से हम से प्यार का रिश्ता ऐ दिल छोड़ो भूल चुको वक़्त ने सब कुछ मेट दिया है अब क्या नक़्श उभारोगे ष्
‘इंशा’ को किसी सोच में डूबे दर पर बैठे देर हुई कब तक उस के बख़्त के बदल अपने बाल सँवारोगे
इति

Paired Painting
Shantanu and Ganga
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