№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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Bharat Mata

Veera

वंदन मेरे देश

Vandan Mere Desh

Chandrasen Virat
1 min read 4 versesदेशभक्तिpatriotismवंदन

4 verses · ~1 min

वंदन मेरे देश – तेरा वंदन मेरे देश पूजन,अर्चन,आराधन,अभिनन्दन मेरे देश

तुझसे पाई माँ की ममता और पिता का प्यार तेरे अन्न,हवा,पानी से देह हुई तैयार तेरी मिट्टी-मिट्टी कब है, चंदन मेरे देश वंदन मेरे देश – तेरा वंदन मेरे देश .

भिन्न-भिन्न भाषाएँ , भूषा यद्यपि धर्म अनेक किन्तु सभी भारतवासी हैं और हृदय है एक तुझ पर बलि है ,हृदय –हृदय का स्पंदन मेरे देश वंदन मेरे देश – तेरा वंदन मेरे देश .

पर्वत, सागर, नदियाँ ऐसा दृश्य कहाँ , स्वर्ग अगर है कहीं धरा पर तो है सिर्फ यहाँ तू ही दुनियाँ की धरती का वंदन मेरे देश वंदन मेरे देश – तेरा वंदन मेरे देश .

इति

Chandrasen Virat

The Poet

चंद्रसेन विराट

Chandrasen Virat

Bharat Mata

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Bharat Mata

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Vandan Mere Desh carries.