
अभी इस तरफ़ न निगाह कर
Abhi Is Taraf Na Nigah Kar
Bashir Badr
4 verses · ~10 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shringara
Kabhi To Aasman Se Chand Utre Jaam Ho Jaye
Bashir Badr7 verses · ~1 min
कभी तो आसमाँ से चांद उतरे जाम हो जाये तुम्हारे नाम की इक ख़ूबसूरत शाम हो जाये
हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाये चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाये
अजब हालात थे यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर मोहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाये
समंदर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दो हमको हवाएँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाये
मैं ख़ुद भी एहतियातन उस गली से कम गुज़रता हूँ कोई मासूम क्यों मेरे लिये बदनाम हो जाये
मुझे मालूम है उस का ठिकाना फिर कहाँ होगा परिंदा आसमाँ छूने में जब नाकाम हो जाये
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये
इति

Paired Painting
Chitra Lekha
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Kabhi To Aasman Se Chand Utre Jaam Ho Jaye carries.