№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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Flood Dear Flood

Shanta

जो बात मेरे कान में ख़्वाबों ने कही है

Jo Baat Mere Kaan Mein Khwabon Ne Kahi Hai

Balswaroop Rahi
1 min read 6 versesसत्यtruthसंघर्ष

6 verses · ~1 min

जो बात मेरे कान में ख़्वाबो ने कही है वो बात हमेशा ही ग़लत हो के रही है ।

जो चाहो लिखो नाम मेरे सब है मुनासिब उनकी ही अदालत है यहाँ, जिनकी बही है ।

टपका जो लहू पाँव से मेरे तो वो चीख़े कल जेल से भागा था जो मुजरिम वो वही है ।

वो चाहे मेरी जीभ मेरे हाथ पर रख दे मैं फिर भी कहूँगा कि सही बात सही है ।

इक दोस्त से मिलने के लिए कब से खड़ा हूँ कूचा भी वही, घर भी वही, दर भी वही है ।

उम्मीद की जिस छत के तले राही रुका मैं वो छत ही क़यामत की तरह सिर पे ढही है ।

इति

Balswaroop Rahi

The Poet

बालस्वरूप राही

Balswaroop Rahi

Flood Dear Flood

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Flood Dear Flood

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