№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

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Gypsies

Karuna

सभी रिश्तों से औ’ दीवारो दर से दूर रखता है

Sabhi Rishton Se Au Deewaro Dar Se Door Rakhta Hai

Ashok Anjum
1 min read 6 versesपेटstomachघर

6 verses · ~1 min

सभी रिश्तों से औ’ दीवारोदर से दूर रखता है, ये चक्कर पेट का कितनों को घर से दूर रखता है।

अगरचे बोले हम तो सारी जक़डन टूट जाएगी, वो हमको इसलिए ही इस हुनर से दूर रखता है।

कि मेरे सर पे है मां की दुआओं का घना साया, यही अहसास मुझको हर इक डर से दूर रखता है।

वहां कुछ मजहबी लोगों के फतवों की दुकानें हैं, वो अपने नौनिहालों को उधर से दूर रखता है।

ये मेरी परवरिश का ही कोई जिंदा करिश्मा है, जो मुझको तल्ख मौसम के असर से दूर रखता है।

कहीं ऐसा न हो, वैसा न हो, जो सोचते रहते ये उनका खौफ उनको हर सफर से दूर रखता है।

इति

Ashok Anjum

The Poet

अशोक अंजुम

Ashok Anjum

Gypsies

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Gypsies

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