
रातें विमुख दिवस बेगाने
Raatein Vimukh Diwas Begane
Om Prabhakar
4 verses · ~8 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

6 verses · ~1 min
बीती जाय जवानी रे बीती जाय जवानी
गई कपोलों की चिकनाई पडी़ आँख के नीचे छाई नई लकीरें उभर रही हैं सलवट हुई पेशानी रे बाती जाय जवानी
जुगराफ़िया हो गया ढीला मध्य भाग में उभरा टीला जकड़ गई है कमर, पीठ भी झुक कर हुई कमानी रे बाती जाय जवानी
खत्म हुई चालों की चुस्ती छाई रहती अक्सर सुस्ती यादें ही हैं शेष कि अब तो मस्ती! हुई कहानी रे बाती जाय जवानी
अंकल कह कर गई यौवना उठी हृदय में तीव्र वेदना तभी याद आ गया अचानक बिटिया हुई सयानी रे बाती जाय जवानी
एकालाप सुना जब उसने कहा देखते हो क्यों सपने बीत गई, फिर भी कहते हो बीती जाय जवानी रे बाती जाय जवानी
इति

Paired Painting
Woman Before a Mirror
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Vedana carries.