
किसी को इतना न चाहो के बदगुमाँ हो जाय
Kisi Ko Itna Na Chaho Ke Badgumaan Ho Jay
Amitabh Tripathi ‘Amit’
8 verses · ~14 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI

Shringara
Umra Bhar Ka Ye Karobar Raha
Amitabh Tripathi ‘Amit’9 verses · ~1 min
उम्र भर का ये कारोबार रहा। इक इशारे का इन्तेजार रहा।
जान आख़िर को किस तरह बचती जो था क़ातिल वही क़रार रहा।
उसने वादा नहीं किया फिर भी उसकी सूरत पे ऐतिबार रहा।
जितने सच बोलने पड़े मुझको उतने झूँठों का कर्जदार रहा।
मुझको मौका नहीं मिला कोई मैं यक़ीनन ईमानदार रहा।
जिसका ख़ंजर तुम्हारी पीठ में है अब तलक वो तुम्हारा यार रहा।
फ़ैसला क़त्ल का दो टूक हुआ ख़ुद ही मक़्तूल जिम्मेदार रहा।
सोच लेना गु़रूर से पहले वक़्त पर किसका इख़्तियार रहा।
जब्त से काम लिया फिर भी ’अमित’ चेहरा कमबख़्त इश्तेहार रहा।
इति

Paired Painting
Nala and Damayanti
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Umra Bhar Ka Ye Karobar Raha carries.