
बस इतना सा समाचार है
Bas Itna Sa Samachar Hai
Amitabh Tripathi ‘Amit’
6 verses · ~21 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Hasya
Jitna Adhik Pachaya Jisne
Amitabh Tripathi ‘Amit’6 verses · ~2 min
जितना अधिक पचाया जिसने उतनी ही छोटी डकार है बस इतना सा समाचार है
निर्धन देश धनी रखवाले भाई चाचा बीवी साले सबने मिलकर डाके डाले शेष बचा सो राम हवाले फिर भी साँस ले रहा अब तक कोई दैवी चमत्कार है बस इतना सा समाचार है
चादर कितनी फटी पुरानी पैबन्दों में खींचा-तानी लाठी की चलती मनमानी हैं तटस्थ सब ज्ञानी-ध्यानी जितना ऊँचा घूर, दूर तक उतनी मुर्ग़े की पुकार है बस इतना सा समाचार है
पढ़े लिखे सब फेल हो गये कोल्हू के से बैल हो गये चमचा, मक्खन तेल हो गये समीकरण बेमेल हो गये तिकड़म की कमन्द पर चढ़कर सिद्ध-जुआरी किला-पार है बस इतना सा समाचार है
जन्तर-मन्तर टोटका टोना बाँधा घर का कोना-कोना सोने के बिस्तर पर सोना जेल-कचेहरी से क्या होना करे अदालत जब तक निर्णय धन-कुनबा सब सिन्धु-पार है बस इतना सा समाचार है
मन को ढाढस लाख बधाऊँ चमकीले सपने दिखलाऊँ परी देश की कथा सुनाऊँ घिसी वीर-गाथायें गाऊँ किस खम्भे पर करूँ भरोसा सब पर दीमक की कतार है बस इतना सा समाचार है
इति

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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Jitna Adhik Pachaya Jisne carries.