
समय आ गया
Samay Aa Gaya
Avaneesh Singh Chauhan
7 verses · ~12 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Veera
Aao Sathi Jee Lete Hain
Amitabh Tripathi ‘Amit’4 verses · ~1 min
आओ साथी जी लेते हैं विष हो या अमृत हो जीवन सहज भाव से पी लेते हैं
सघन कंटकों भरी डगर है हर प्रवाह के साथ भँवर है आगे हैं संकट अनेक, पर पीछे हटना भी दुष्कर है। विघ्नों के इन काँटों से ही घाव हृदय के सी लेते हैं आओ साथी जी लेते है
नियति हमारा सबकुछ लूटे मन में बसा घरौंदा टूटे जग विरुद्ध हो हमसे लेकिन जो पकड़ा वो हाथ न छूटे कठिन बहुत पर नहीं असम्भव इतनी शपथ अभी लेते हैं आओ साथी जी लेते है
श्वासों के अंतिम प्रवास तक जलती-बुझती हुई आस तक विलय-विसर्जन के क्षण कितने पूर्णतृप्ति-अनबुझी प्यास तक बड़वानल ही यदि यथेष्ट है फिर हम राह वही लेते हैं आओ साथी जी लेते हैं
इति

Paired Painting
Baji Prabhu Deshpande and Chhatrapati Shivaji Maharaj
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Aao Sathi Jee Lete Hain carries.