
जरूरी नहीं
Jaruri Nahi
Avaneesh Singh Chauhan
48 verses · ~30 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI
_lady-with-the-tanpura.jpg&w=1200&q=72&output=webp&we=&maxage=1y&fit=cover)
12 verses · ~3 min
कौन कहता है भली होती है? हर बुराई में ढली होती है एक जीवन को नरक से जोड़े वारुणी ही वो गली होती है ।
मिलते जुलते हैं, आते जाते हैं ऊपरी दोस्ती निभाते हैं हाथ तो खूब मिलाते हैं मगर दिल से दिल नहीं मिलाते हैं ।
नाश को एक कहर काफ़ी है नाव को एक लहर काफ़ी है प्राण हरने के लिए प्याले में एक ही बूँद ज़हर काफ़ी है ।
कौन कहता है कि आसान रहा मैं परेशान, हलाकान रहा युद्ध अपना तो यहाँ जीवन से ख़ूब घनघोर घमासान रहा ।
हम विधाता थे, विधायक रहे श्रेष्ठ थे, अब किसी लायक न रहे आज भी हैं तो मगर नाटक में हम विदूषक ही हैं, नायक न रहे ।
भूमि पैरों से सरक जाएगी बूँद आँसू की ढरक जाएगी मन का विश्वास अगर डोल गया दिल की दीवार दरक जाएगी ।
रूप रेशम-सा था, ऊनी निकला ज़र्फ रखता था, जुनूनी निकला सत्य अपराध कथा है जिसमें जो था नायक वही ख़ूनी निकला ।
जब भी होगा वो अचानक होगा अपने वैचित्र्य का मानक होगा जिसका आरंभ भयावह त्रासद अंत भी उसका भयानक होगा ।
देह में प्राण की महत्ता है सृष्टि में स्थान की महत्ता है अंक वे ही हैं एक से नौ तक शून्य के मान की महत्ता है ।
वह स्वयं में बुरी नहीं होती दिव्यता आसुरी नहीं होती होगा वादक ही बेसुरा कोई बाँसुरी बेसुरी नहीं होती ।
दृष्टि की, ध्यान की ज़रूरत है खोज, संधान की ज़रूरत है एक से बढ़ के एक है प्रतिभा सिर्फ़ पहचान की ज़रूरत है ।
मन से जीते जी न आशा जाए सावधानी से तलाशा जाए खूब चमकेंगे ये अनगढ़ हीरे इनको थोड़ा-सा तराशा जाए ।
इति
_lady-with-the-tanpura.jpg&w=1200&q=72&output=webp&we=&maxage=1y&fit=cover)
Paired Painting
Bombay Singer
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Muktak carries.