
एक दिन पाँओं तले धरती न होगी!
Ek Din Paaon Tale Dharti Na Hogi!
Pratibha Saxena
4 verses · ~13 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

5 verses · ~1 min
जब अंतस्तल रोता है, कैसे कुछ तुम्हें सुनाऊँ? इन टूटे से तारों पर, मैं कौन तराना गाऊँ??
सुन लो संगीत सलोने, मेरे हिय की धड़कन में। कितना मधु-मिश्रित रस है, देखो मेरी तड़पन में॥
यदि एक बार सुन लोगे, तुम मेरा करुण तराना। हे रसिक! सुनोगे कैसे? फिर और किसी का गाना॥
कितना उन्माद भरा है, कितना सुख इस रोने में? उनकी तस्वीर छिपी है, अंतस्तल के कोने में॥
मैं आँसू की जयमाला, प्रतिपल उनको पहनाती। जपती हूँ नाम निरंतर, रोती हूँ अथवा गाती॥
इति

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An Indian Lady
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Mera Geet carries.