
चंचल पवन प्राणमय बंधन
Chanchal Pavan Pranmay Bandhan
Trilochan
3 verses · ~6 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

5 verses · ~1 min
आज पवन शांत नहीं है श्यामा देखो शांत खड़े उन आमों को हिलाए दे रहा है उस नीम को झकझोर रहा है
और देखो तो तुम्हारी कभी साड़ी खींचता है कभी ब्लाउज़ कभी बाल
धूल को उड़ाता है बग़ीचों और खेतों के सूखे तृण-पात नहीं छोड़ता है
कितना अधीर है तुम्हारे वस्त्र बार बार खींचता है और तुम्हें बार बार आग्रह से छूता है यौवन का ऎसा ही प्रभाव है सभी को यह उद्वेलित करता है आओ ज़रा देर और घूमें फिरें
पवन आज उद्धत है वृक्ष-लता-तृण-वीरुध नाचते हैं चौपाए कुलेल करते हैं और चिड़ियाँ बोलती हैं आओ श्यामा थोड़ा और घूमें फिरें
इति

Paired Painting
Girl on a Swing
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Pavan Shant Nahin Hai carries.