
अब हों नाच्यौ बहुत गोपाल
Ab Hon Naachyau Bahut Gopal
Surdas
1 verse · ~8 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

1 verses · ~1 min
अब मैं नाच्यौ बहुत गुपाल। काम-क्रोध कौ पहिरि चोलना, कंठ बिषय की माल॥ महामोह के नूपुर बाजत, निंदा सबद रसाल। भ्रम-भोयौ मन भयौ, पखावज, चलत असंगत चाल॥ तृष्ना नाद करति घट भीतर, नाना विधि दै ताल। माया कौ कटि फेंटा बाँध्यौ, लोभ-तिलक दियौ भाल॥ कोटिक कला काछि दिखराई जल-थल सुधि नहिं काल। सूरदास की सबै अबिद्या दूरि करौ नँदलाल॥
इति

Paired Painting
The Disrobing of Draupadi
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Ab Main Nachyau Bahut Gupal carries.