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जारी है-जारी है अभी लड़ाई जारी है।
यह जो छापा तिलक लगाए और जनेऊंधारी है यह जो जात पांत पूजक है यह जो भ्रष्टाचारी है यह जो भूपति कहलाता है जिसकी साहूकारी है उसे मिटाने और बदलने की करनी तैयारी है।
यह जो तिलक मांगता है, लडके की धौंस जमाता है कम दहेज पाकर लड़की का जीवन नरक बनाता है पैसे के बल पर यह जो अनमोल ब्याह रचाता है यह जो अन्यायी है सब कुछ ताकत से हथियाता है उसे मिटाने और बदलने की करनी तैयारी है।
यह जो काला धन फैला है, यह जो चोरबाजारी हैं सत्ता पाँव चूमती जिसके यह जो सरमाएदारी है यह जो यम-सा नेता है, मतदाता की लाचारी है उसे मिटाने और बदलने की करनी तैयारी है।
जारी है-जारी है अभी लड़ाई जारी है।
इति

Paired Painting
Scene from a Hindu Marriage
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