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Scene from a Hindu Marriage

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लड़ाई जारी है

Ladai Jari Hai

Sarveshwar Dayal Saxena
1 min read 5 versesRevolutionCorruption

5 verses · ~1 min

जारी है-जारी है अभी लड़ाई जारी है।

यह जो छापा तिलक लगाए और जनेऊंधारी है यह जो जात पांत पूजक है यह जो भ्रष्टाचारी है यह जो भूपति कहलाता है जिसकी साहूकारी है उसे मिटाने और बदलने की करनी तैयारी है।

यह जो तिलक मांगता है, लडके की धौंस जमाता है कम दहेज पाकर लड़की का जीवन नरक बनाता है पैसे के बल पर यह जो अनमोल ब्याह रचाता है यह जो अन्यायी है सब कुछ ताकत से हथियाता है उसे मिटाने और बदलने की करनी तैयारी है।

यह जो काला धन फैला है, यह जो चोरबाजारी हैं सत्ता पाँव चूमती जिसके यह जो सरमाएदारी है यह जो यम-सा नेता है, मतदाता की लाचारी है उसे मिटाने और बदलने की करनी तैयारी है।

जारी है-जारी है अभी लड़ाई जारी है।

इति

Sarveshwar Dayal Saxena

The Poet

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

Sarveshwar Dayal Saxena

Scene from a Hindu Marriage

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Scene from a Hindu Marriage

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