
तेरा मेरा मनुवां
Tera Mera Manuwan
Kabir
9 verses · ~10 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
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MM · XXVI

Shanta
Prarthana : Guru Kabiradas Ke Liye
Vijaydev Narayan Sahi4 verses · ~1 min
परम गुरु दो तो ऐसी विनम्रता दो कि अंतहीन सहानुभूति की वाणी बोल सकूँ और यह अंतहीन सहानुभूति पाखंड न लगे।
दो तो ऐसा कलेजा दो कि अपमान, महत्वाकांक्षा और भूख की गाँठों में मरोड़े हुए उन लोगों का माथा सहला सकूँ और इसका डर न लगे कि कोई हाथ ही काट खाएगा।
दो तो ऐसी निरीहता दो कि इसे दहाड़ते आतंक क बीच फटकार कर सच बोल सकूँ और इसकी चिन्ता न हो कि इसे बहुमुखी युद्ध में मेरे सच का इस्तेमाल कौन अपने पक्ष में करेगा।
यह भी न दो तो इतना ही दो कि बिना मरे चुप रह सकूँ।
इति

Paired Painting
Shivaji and Subedar's Daughter
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Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Prarthana : Guru Kabiradas Ke Liye carries.