№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

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MM · XXVI

Canvas
Rama Breaking the Bow

Karuna

रामदास

Ramdas

Raghuvir Sahay
2 min read 5 versesहत्याmurderभीड़

5 verses · ~2 min

चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अंत समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी

धीरे धीरे चला अकेले सोचा साथ किसी को ले ले फिर रह गया, सड़क पर सब थे सभी मौन थे सभी निहत्थे सभी जानते थे यह उस दिन उसकी हत्या होगी

खड़ा हुआ वह बीच सड़क पर दोनों हाथ पेट पर रख कर सधे क़दम रख कर के आए लोग सिमट कर आँख गड़ाए लगे देखने उसको जिसकी तय था हत्या होगी

निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौल कर चाकू मारा छूटा लोहू का फव्वारा कहा नहीं था उसने आख़िर उसकी हत्या होगी

भीड़ ठेल कर लौट गया वह मरा पड़ा है रामदास यह देखो-देखो बार बार कह लोग निडर उस जगह खड़े रह लगे बुलाने उन्हें जिन्हें संशय था हत्या होगी

इति

Raghuvir Sahay

The Poet

रघुवीर सहाय

Raghuvir Sahay

Rama Breaking the Bow

Paired Painting

Rama Breaking the Bow

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Four more, in the same key.

Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Ramdas carries.