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Veer Durgadas Rathore in the Wilderness

VeeraBeginner

इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है

Is Nadi Ki Dhar Mein Thandi Hawa Aati To Hai

Dushyant Kumar
1 min read 6 versesCourageHopeRiver

6 verses · ~1 min

इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है, नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है।

एक चिनगारी कही से ढूँढ लाओ दोस्तों, इस दिए में तेल से भीगी हुई बाती तो है।

एक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी, आदमी की पीर गूंगी ही सही, गाती तो है।

एक चादर साँझ ने सारे नगर पर डाल दी, यह अंधेरे की सड़क उस भोर तक जाती तो है।

निर्वचन मैदान में लेटी हुई है जो नदी, पत्थरों से, ओट में जा-जाके बतियाती तो है।

दुख नहीं कोई कि अब उपलब्धियों के नाम पर, और कुछ हो या न हो, आकाश-सी छाती तो है।

इति

Dushyant Kumar

The Poet

दुष्यंत कुमार

Dushyant Kumar

Veer Durgadas Rathore in the Wilderness

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Veer Durgadas Rathore in the Wilderness

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