_charity.jpg&w=900&q=72&output=webp&we=&maxage=1y&fit=cover)
ठुकरा दो या प्यार करो
Thukra Do Ya Pyar Karo
Subhadra Kumari Chauhan
9 verses · ~20 lines · 1 min
№ MMXXVI
RACHNA · A LIVING ARCHIVE
Loading the archive
MM · XXVI

4 verses · ~2 min
कौन कौन है बसता इस सुनहरी नगरी में कुछ अपने कुछ पराये कुछ कोहरे कुछ साए धुंधले हैं या उजले?
रमती रहूँ इस नगरी में या फिर बेघर हो जाऊं? इस नगरी में मेरा कुछ ना अपना ना पराया, सब प्रभु का जाया और फिर उसमें ही समाया मैंने तो कुछ ना बनाया ना बसाया कोई भी चिरंतन गीत ना लिखा ना गाया तो फिर इस जादुई नगरी में क्या पाया?
प्रभु ने भेजा पालना.... पर मेरा मन चाहे इसी नगरी में डोलना क्यों ना चाहे नए पालने का झूला झूलना? ऊँची उड़ान भर बादल छूना? इन्द्रधनुषी सतरंगी किरणों पर लहराना? क्यों चाहे इसी नगरी में डोलना? क्या कोहरे में पलते सपनों की चमकीलीं परतें नहीं है खोलना?
प्रभु से कैसे हो मिलन? मैं इक बहता दरिया और परमात्मा इक विशाल समुन्दर कब तक ना होगा मेरा उससे मिलन? इधर जाऊं उधर जाऊं -- क्यों? समुन्दर में समा जाऊं तो बस फिर सुकून से बहती जाऊं. समुन्दर की हो कर उसकी तरंगों में अपना पूर्ण अस्तित्व खो कर बस उस जैसी ही हो जाऊं.
इति

Paired Painting
View of the Ghats at Benares
Open the viewer →
If this held you
Chosen for their rasa and their register, not their popularity. Each one carries some part of what Prabhu Ki Nagari carries.