№ MMXXVI

RACHNA · A LIVING ARCHIVE

Rachna by M.

Loading the archive

MM · XXVI

Canvas
Benares

Shanta

शहर के बीच

Shahar Ke Beech

Ajit Kumar
1 min read 4 versesशहरफ़व्वाराकीचड़

4 verses · ~1 min

शहर के बीचोबीच जो एक बड़ा-सा फ़व्वारा है जिसके इर्द-गिर्द खूबसूरत बाग़ीचा है वहाँ-वहाँ बिछी हैं आरामदेह बेंचें

आराम भी करो नज़ारा भी देखो- संगीत की लय पर आर्केस्ट्रा के संग उछलती-कूदती रंगीन रोशनियाँ शीतल जल की फुहारें

इंद्रजाल में सबके सब मुग्ध-मोहित से फँसे थे

तभी सरपत के वन में पिंडली तक लथ-पथ कीचड़ से कास के फूल चुनता एक नन्हा शैतान खिलखिलाता नज़र आया।

इति

Ajit Kumar

The Poet

अजित कुमार

Ajit Kumar

Benares

Paired Painting

Benares

Open the viewer →